आरेडिका में अखिल रेल हिंदी नाट्योत्सव का सफल आयोजन

आरेडिका में अखिल रेल हिंदी नाट्योत्सव का सफल आयोजन

Successful Organization of the All-Rail Hindi Drama

Successful Organization of the All-Rail Hindi Drama

प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक 25.03.2026 : 
आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना, रायबरेली में दिनांक 21.03.2026 से 25.03.2026 तक आयोजित हुए अखिल रेल हिंदी नाट्योत्सव का भव्य समापन आरेडिका के महाप्रबंधक विवेक खरे, मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं महानिरीक्षक सह प्रधान सुरक्षा आयुक्त रमेश चन्द्र तथा निदेशक राजभाषा, रेलवे बोर्ड डा0 वी सगुणा, उपनिदेशक सतविंदर सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
महाप्रबंधक विवेक खरे ने अपने सम्बोधन में कहा कि रेलवे बोर्ड ने आरेडिका को दूसरी बार राजभाषा के अखिल रेल कार्यक्रमों के आयोजन के लिए अवसर प्रदान किया इसके लिए  हम बोर्ड का आभार व्यक्त करते हैं। सभी रेलवे द्वारा उत्कृष्ट नाट्य प्रस्तुतियां दी गईं, जो अलग-अलग विचारों एवं भावों तथा प्रेरणाओं से ओतप्रेत रहे। नाटक मंचन के माध्यम से राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार से साथ ही समाज को सकारात्मक विचारों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। नाटक मंचन का उददेश्य केवल मनोरंजन नहीं होता बल्कि समाज को दशा एवं दिशा प्रदान करना होता है, क्योंकि साहित्य समाज का दर्पण होता है। महाप्रबंधक महोदय ने सभी श्रेणियों के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर उन के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। 


निदेशक राजभाषा, रेलवे बोर्ड डा0 वी सगुणा ने आरेडिका द्वारा की गयी आवास, परिवहन तथा भोजन आदि व्यवस्थाओं के प्रबंधन की सराहना की।


निर्णायक दल की भूमिका चित्रा मोहन वरिष्ठ निर्देशिका नाट्य आकादमी विराम खण्ड गोमतीनगर लखनऊ, विवेक श्रीवास्तव निर्देशक नाट्य आकादमी शिवाजीपुरम लखनऊ एवं अर्पित मिश्रा रंगकर्मी तथा फिल्म अभिनेता द्वारा निभायी गयी। निर्णायक दल का कहना था कि सभी नाटक बहुत ही उत्कृष्ट थे उनमें से प्रथम, द्वितीय और तृतीय का निर्णय करना बहुत बड़ी चुनौती थी।  
अखिल रेल हिंदी नाट्योत्सव का प्रथम पुरस्कार मध्य रेलवे द्वारा मंचित नाटक ‘‘आधे-अधूरे‘‘ को प्राप्त हुआ  तथा दक्षिण मध्य रेलवे के नाटक ‘‘अखण्ड पर्व‘‘ को द्वितीय तथा पूर्वोत्तर रेलवे के नाटक ‘‘प्रेशर‘‘ को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त 5 प्रेरणा पुरस्कार “जिस लाहौर नहीं देख्या ओह जम्या नहीं (बंटवारा)” (उत्तर रेलवे), “पहला गोल” (दक्षिण रेलवे), ‘‘बताशा‘‘ पश्चिम रेलवे, ‘‘बालुका मेें एक शाम‘‘ पूर्वोत्तर सीमा रेलवे ‘‘जिगरी‘‘ रेल डिब्बा कारखाना कपूरथला को प्रदान किए गए। 


इसके अतिरिक्त विभिन्न विद्याओं जैसे- सर्वश्रेष्ठ निर्देशक किशोर कुमार पूर्वोत्तर सीमा रेलवे, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता संतोष सुरेश वेलेस्कर मध्य रेलवे, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री प्रियंका फुलझेले दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे,  वेशभूषा, सर्वश्रेष्ठ रूप सज्जा, स्क्रिप्ट लेखन, संगीत ध्वनि प्रभाव, मंच सज्जा, प्रकाश परिकल्पना, विशिष्ट अभिनय आदि से जुडे 15 पुरस्कार प्रदान किए गये। आरेडिका उपमुख्य राजभाषा अधिकारी अभिनव यादव ने कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापित किया।


इस अवसर पर आरेडिका के वरिष्ठ अधिकारी , विभिन्न क्षेत्रीय रेलवे, प्रशिक्षण संस्थानों एवं उत्पादन इकाइयों की 21 टीमों के नाट्य कर्मी तथा रेलवे बोर्ड राजभाषा निदेशालय के वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित आरेडिका के राजभाषा विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे। 


                                                        (आर एन तिवारी) 
                                                  मुख्य जनसंपर्क अधिकारी